एनकेएच की कैथलैब बनी हृदय रोगियों के लिए वरदान, कोरबा में मिल रही अत्याधुनिक उपचार सुविधा

कोरबा। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एनकेएच में कैथलैब सुविधा शुरू होने के बाद हृदय रोगियों को बड़े शहरों जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही है। इसके चलते मरीजों को उपचार के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।

पिछले सप्ताह अस्पताल में 15 से अधिक हृदय रोगी पहुंचे, जिनका विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में त्वरित उपचार किया गया। कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सतीश सूर्यवंशी एवं डॉ. एस.एस. मोहंती की टीम ने मरीजों की जांच के बाद 5 मरीजों की एंजियोप्लास्टी और 5 मरीजों की एंजियोग्राफी सफलतापूर्वक की। वहीं एक मरीज में पेसमेकर प्रत्यारोपण भी किया गया।

अस्पताल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में कोरबा में पहली बार अब तक तीन मरीजों में एआईसीडी (ऑटोमेटेड इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर) का सफल प्रत्यारोपण किया जा चुका है।

अस्पताल संचालक डॉ. एस.के. चंदानी ने बताया कि एआईसीडी एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसे मरीज की छाती में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह हृदय की धड़कनों की लगातार निगरानी करता है और गंभीर स्थिति में जीवनरक्षक भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि मई माह में कैथलैब में 17 मरीजों की एंजियोग्राफी, 12 मरीजों की एंजियोप्लास्टी तथा एक मरीज का पेसमेकर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। कैथलैब सुविधा प्रारंभ होने के बाद से अब तक एनकेएच में 400 से अधिक एंजियोग्राफी और 200 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी की जा चुकी हैं।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और त्वरित उपचार सुविधा के कारण अब जिले के हृदय रोगियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं अपने ही शहर में उपलब्ध हो रही हैं।