भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक : सतीश प्रकाश सिंह

प्राचीन पांडुलिपियों और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण हेतु जन-जागरूकता बैठक सम्पन्न

कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में 26 मई 2026 कोअग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में “ज्ञानभारतम् मिशन” के जन-जागरूकता कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने अभियान के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रतीक प्राचीन पांडुलिपियां हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण और डिजिटलीकरण के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।

श्री सिंह ने बताया कि अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों, ताड़पत्र, भोजपत्र, पुराने ग्रंथों, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं सांस्कृतिक महत्व की सामग्री का सर्वेक्षण कर डिजिटल संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफल बनाने के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी बताया कि अभियान में सक्रिय योगदान देने वाले संरक्षकों, सर्वेक्षणकर्ताओं और सहयोगियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस कोरबा के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल, कमला नेहरू महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा, अग्रसेन महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल तथा वरिष्ठ पत्रकार गेंदलाल शुक्ल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की “ज्ञानभारतम्” प्रभारी सहायक प्राध्यापक नूपुर अग्रवाल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार झा ने किया।

बैठक में सहायक प्राध्यापक डॉ.आसमां सिंह,डॉ. मंदाकिनी चंद्रा,डॉ.शकुंतला जायसवाल,डॉ.भारती कुलदीप,डॉ. आसीबाला गुप्ता,रमिता दास,मंजीत कौर लाम्बा,डॉ. पियाधार सिंह,डॉ.प्रशांत सिंह राजपूत,अनिल अग्रवाल, नानक सिंह राजपूत सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, महाविद्यालयों के प्रतिनिधि, “ज्ञानभारतम् दूत” युवा टीम और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।