कोरबा। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना लेमरू क्षेत्र की कई पंचायतों में अधूरी पड़ी हुई है। स्टील स्ट्रक्चर और पानी की टंकियां तैयार होने के बावजूद सोलर पंप नहीं लगने से ग्रामीणों को अब भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम लेमरू, बड़गांव, लामपहाड़ सहित आसपास के कई पंचायतों में हर घर जल योजना के तहत संरचनाएं तैयार कर दी गई हैं, लेकिन छह साल बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुंच सका है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बोर और हैंडपंप सूख चुके हैं, जिससे महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर दूर जाकर कुएं और ढोढ़ी से पानी लाने को मजबूर हैं।
बड़गांव पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्षों से योजना का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। करीब ढाई हजार की आबादी वाले गांव में आज भी लोग एक किलोमीटर दूर से पानी ला रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी निरीक्षण के नाम पर आते हैं, फोटो खींचते हैं और लौट जाते हैं, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ता।
लेमरू पंचायत के त्रिभुवन सिंह कंवर ने बताया कि गांव में दो साल पहले पानी टंकी और स्टैंड तैयार हो गए थे, लेकिन अब तक सोलर मोटर नहीं लगाई गई और न ही घरों तक नल कनेक्शन पहुंचा। वहीं लामपहाड़ पंचायत के बुजुर्ग दिलदास एक्का ने कहा कि अधूरा पड़ा स्टील स्ट्रक्चर अब ग्रामीणों के लिए खतरा बनता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार हर पंचायत में एक सेटअप पर करीब 14.60 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। योजना के तहत टंकी, स्टील स्ट्रक्चर और सोलर पंप लगाकर घर-घर पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था।
पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता रमन उरांव ने बताया कि योजना के तहत स्ट्रक्चर और टंकी लगाने का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, लेकिन सोलर पंप लगाने में क्रेडा की ओर से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित विभाग ही विस्तृत जानकारी दे सकेगा।
Editor – Niraj Jaiswal
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