युवक का गला रेतने की कोशिश, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

कोरबा। नया बस स्टैंड टीपी नगर में युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त 3 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामला 19 जुलाई 2025 का है। आरोपी मनोज सारथी पिता जूगलाल सारथी, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम ढसीकेला मदनपुर, थाना खासिया, जिला रायगढ़ ने नया बस स्टैंड में सूरज नगेसिया पर प्राणघातक हमला किया था।

जानकारी के अनुसार, सूरज नगेसिया और सुमित्रा गिरी पत्थलगांव से कोरबा पहुंचे थे और आगे ट्रेन से यात्रा करने वाले थे। इसी दौरान आरोपी मनोज सारथी वहां पहुंचा और सुमित्रा गिरी से बातचीत करने लगा। कुछ देर बाद उसने सूरज से मोबाइल मांगना शुरू किया। मोबाइल देने से इनकार करने पर आरोपी गुस्से में आ गया और ब्लेड से सूरज नगेसिया के गले पर हमला कर दिया।

घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची सुमित्रा गिरी के हाथ के अंगूठे में भी चोट आई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं घायल सूरज और सुमित्रा को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रकरण में लोक अभियोजक मोहन सोनी ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के बाद एडीजे सीमा प्रताप चन्द्रा ने आरोपी को प्राणघातक हमला का दोषी पाते हुए 10 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया।