गलत सीमांकन का विरोध करने पर बुला ली पुलिस, ग्रामीणों ने पटवारी पर रिश्वत मांगने का लगाया आरोप

कोरबा। करतला तहसील के ग्राम नोनबिर्रा में जमीन सीमांकन को लेकर विवाद गहरा गया है। पीड़ित पक्ष ने पटवारी पर गलत सीमांकन करने और रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले में विरोध होने पर पुलिस बुलाने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी भारत लाल टांडे ग्राम नोनबिर्रा निवासी लीलाधर पटेल की जमीन का सीमांकन करने पहुंचे थे। यह कार्रवाई एक जमीन पर कथित अवैध निर्माण की शिकायत के बाद तहसील कोर्ट के निर्देश पर की जा रही थी। जमीन मालिक संतराम पटेल का आरोप है कि उनकी भूमि पर रेशम लाल नामक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण कराया जा रहा है।

लीलाधर पटेल ने आरोप लगाया कि खसरा नंबर 644/1 के स्थान पर पटवारी द्वारा 644/2 का सीमांकन किया जा रहा था। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो विवाद की स्थिति बन गई। उनका कहना है कि एक अन्य भूमि को भी पटवारी ने उनकी जमीन मानने से इनकार कर दिया।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सीमांकन के लिए पहले 25 हजार रुपये की मांग की गई थी, बाद में मामला 10 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बावजूद सीमांकन में दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने वास्तविक स्थिति बताई तो मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाया गया और यह प्रचारित किया गया कि राजस्व कर्मियों को बंधक बनाया गया है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सीमांकन सही तरीके से किया जाता और पैसों का मामला नहीं होता तो विवाद की नौबत ही नहीं आती।