सभी मंत्री, विधायक और सांसद पहले छोड़ें गाड़ी का मोह: कांग्रेस

कोरबा। मध्य पूर्व संकट के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचत की अपील पर कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर लिया है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि पांच राज्यों के चुनाव के बाद सरकार को यह अपील करनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2013 की तुलना में 2026 में दाल, चावल, आटा, तेल और रसोई गैस के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। पेट्रोल-डीजल की महंगाई और रसोई गैस के लिए लंबी लाइनों से जनता परेशान है।

ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि किसान खेती के लिए उर्वरक के मामले में कोई समझौता नहीं कर सकता। सरकार को ऐसी सलाह देने से बचना चाहिए।

कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष पालुराम साहू, दर्री ब्लॉक अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी, बालको ब्लॉक अध्यक्ष ए.डी. जोशी और कुसमुंडा ब्लॉक अध्यक्ष बसंत चंद्रा ने कहा कि मोदी की अपील का सबसे पहले पालन भाजपा के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मात्र 12 मंत्रियों के लिए एक साल में 50 करोड़ रुपये पेट्रोल-डीजल पर खर्च का प्रावधान है। सबसे पहले ये 12 मंत्री अपने प्रोटोकॉल वाली गाड़ियों का इस्तेमाल छोड़ें, उसके बाद आम जनता से अपील करें।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि ईंधन बचत की अपील से पहले स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें।