श्वान काटने के 7 साल बाद रैबीज से युवक की मौत, आधा दर्जन लोगों को लगाया एंटी रैबीज इंजेक्शन

कोरबा।जिले के कोतवाली अंतर्गत रामसागर पारा में रैबीज संक्रमण से एक युवक की मौत हो गई। श्वान काटने के लगभग सात साल बाद हुई इस मौत ने परिजनों को सदमे में डाल दिया है। युवक के संपर्क में आए नाते-रिश्तेदार सहित आधा दर्जन लोगों को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया है।

जानकारी के अनुसार रामसागर पारा निवासी युवक रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। वर्ष 2019 में मजदूरी के लिए गए दौरान एक आवारा श्वान ने उस पर हमला कर दिया था। युवक ने घाव को मामूली समझकर इलाज नहीं कराया और कुछ दिनों बाद घाव भर जाने से निश्चिंत हो गया।

25 अप्रैल को युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, वह हवा, पानी और आग देखकर घबराने लगा तथा श्वान की तरह व्यवहार करने लगा।

परिजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद घर लाए गए। 29 अप्रैल को हालत बिगड़ने पर उसे फिर अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। बिलासपुर ले जाते समय बलौदा के समीप युवक की सांसें थम गईं। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।

चिकित्सकों ने हिस्ट्री खंगालते हुए रैबीज संक्रमण की पुष्टि की। संपर्क में आए लोगों को तत्काल एंटी रैबीज का डोज दिया गया, जिससे संक्रमण का खतरा टल गया।

अस्पताल मेमो मिलने पर पुलिस ने वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। डॉक्टरों के अनुसार रैबीज वायरस लंबे समय तक latent रह सकता है और कभी-कभी सालों बाद भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं।