33 फार्मेसी इकाइयों की सघन जांच, दवा गुणवत्ता और भंडारण पर खास नजर

कोरबा।“सही दवा- शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के अंतर्गत जिले में 27 अप्रैल से 11 मई तक चल रहे 15 दिवसीय सघन जांच अभियान के तहत चरण-1 की कार्यवाही जारी है।

अभियान के दूसरे और तीसरे दिन खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कोरबा जिले में थोक एवं खुदरा दवा विक्रेताओं का व्यापक निरीक्षण किया। सहायक औषधि नियंत्रक महेंद्र कुमार देवांगन, औषधि निरीक्षक सुनील सांडे, ऋषि साहू एवं वीरेंद्र भगत की टीम ने राजस्व और पुलिस विभाग के साथ मिलकर कुल 15 थोक औषधि प्रतिष्ठानों और 18 खुदरा औषधि फर्मों (कुल 33 इकाइयों) का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दवाओं की गुणवत्ता,भंडारण व्यवस्था, तापमान नियंत्रण, एक्सपायरी प्रबंधन,क्रय-विक्रय अभिलेख,लाइसेंस की वैधता तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों की सख्त जांच की गई। थोक विक्रेताओं को राज्य से बाहर दवा खरीदने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। खुदरा विक्रेताओं को डायबिटीज की दवा GLP-1 वर्ग के स्व-औषधि सेवन के दुरुपयोग को रोकने के लिए बिना वैध पर्चे के विक्रय न करने की सख्त हिदायत दी गई। एच-1 श्रेणी की दवाओं के विक्रय रजिस्टर की भी जांच की गई।

गुणवत्ता जांच के लिए पुराना बस स्टैंड स्थित मेसर्स प्रज्ञा सेल्स से 02 औषधियों के नमूने संकलित कर राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप दवाएं उपलब्ध कराना, अवैध औषधि विक्रय पर अंकुश लगाना और संबंधित कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

औषधि विभाग ने आमजन से अपील की है कि दवा खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें और उत्पाद के लेबल पर एक्सपायरी डेट ध्यान से देखें।