डीजल संकट के बीच कुदुरमाल पुल बंद, ट्रांसपोर्टरों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

कोरबा। जिले में डीजल की किल्लत और हसदेव नदी पर स्थित कुदुरमाल पुल पर आवागमन बंद होने से वाहन मालिकों और चालकों पर दोहरी मार पड़ रही है। भारी वाहनों को अब करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ गई है।

करीब पांच दशक पुराने कुदुरमाल पुल की जर्जर हालत के चलते प्रशासन ने कुछ महीने पहले भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। पुल की सड़क जगह-जगह धंस चुकी थी और लोहे की सरिया बाहर निकल आई थी, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया था। तकनीकी निरीक्षण के बाद पुल को मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि प्रतिदिन लगभग 1000 ट्रक इस मार्ग का उपयोग करते थे, जिन्हें अब वैकल्पिक रास्ते से जाना पड़ रहा है। इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त डीजल खर्च का बोझ बढ़ गया है, वहीं चालकों को लंबा सफर तय करने की परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मरम्मत कार्य की धीमी रफ्तार से बढ़ी चिंता
पुल के सुधार कार्य की गति अपेक्षित नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। आशंका जताई जा रही है कि पुल शुरू होने में अभी लंबा समय लग सकता है।

नए पुल निर्माण की उठी मांग
स्थानीय लोगों और वाहन संचालकों का कहना है कि पुराने पुल की आयु पूरी हो चुकी है, इसलिए मरम्मत के बजाय कुदुरमाल में नया पुल बनाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में स्थायी समाधान मिल सके।