युवा समाज सेवक तैयार कर रहा आदिवासी विकास परिषद, बंदियों के मामलों की होगी कानूनी समीक्षा

कोरबा। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष के.आर. शाह ने कहा है कि परिषद समाज सेवा के लिए युवाओं को तैयार कर रही है। उन्हें विभिन्न विषयों की जानकारी देकर समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कोरबा प्रवास के दौरान तिलक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में शाह ने बताया कि 10 मई को अंबिकापुर में संभाग स्तरीय आदिवासी सामाजिक सम्मेलन के दौरान परिषद की वेबसाइट का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट आदिवासी समाज के लिए सूचना क्रांति साबित होगी, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिला और ब्लॉक स्तर पर होगा प्रशिक्षण
शाह ने बताया कि परिषद अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर समाज सेवक के रूप में तैयार कर रही है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को समाज सेवा से जोड़ा जा सके।

जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा
उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा जेल में वर्तमान में 520 आदिवासी विचाराधीन बंदी हैं, जिनमें वर्ष 2016 से मार्च 2026 तक के मामले शामिल हैं। इसी तरह कांकेर जेल में 152 पुरुष और 159 महिला विचाराधीन बंदी हैं।

परिषद के विधि सलाहकार इन सभी मामलों की कानूनी समीक्षा कर रहे हैं, ताकि आचरण और परिस्थितियों के आधार पर उनकी रिहाई का रास्ता साफ किया जा सके।