रेल सुविधाओं की अनदेखी पर सर्वदलीय मंच का रोष, आर-पार की लड़ाई का ऐलान

कोरबा।कोरबा में रेल सुविधाओं की लगातार अनदेखी को लेकर अब असंतोष खुलकर सामने आ गया है। शहर के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और श्रमिक नेताओं ने एकजुट होकर रेल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला लिया है।

कोरबा विकास समिति के बैनर तले आयोजित सर्वदलीय बैठक में वक्ताओं ने साफ कहा कि यदि रेलवे सुविधाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी और व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि कोरबा जैसे बड़े औद्योगिक जिले के साथ रेल प्रबंधन लगातार उपेक्षापूर्ण व्यवहार कर रहा है। कोरबा से चलने वाली ट्रेनों को बीच रास्ते में घंटों तक रोका जाता है, स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों में कोयले की धूल और गंदगी आम बात हो गई है। रेलवे फाटक बार-बार बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था भी चरमरा रही है।

एक बड़ा मुद्दा यह भी उठाया गया कि कई ट्रेनें कोरबा से आगे जाने के बाद बिलासपुर में ही समाप्त कर दी जाती हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी होती है। लंबे समय से नई ट्रेनों की मांग की जा रही है, लेकिन रेलवे इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत सहित भाजपा, कांग्रेस, भाकपा, माकपा समेत सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि अब चुप बैठने का समय समाप्त हो चुका है। जरूरत पड़ी तो सभी सड़क पर उतरकर संघर्ष करेंगे।

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ-साथ सामाजिक और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने चेतावनी दी कि अगर रेलवे सुविधाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो कोरबा में बड़ा आंदोलन अनिवार्य हो जाएगा।