जमीन अधिग्रहण के बदले नौकरी नीति में संशोधन की मांग

विधायक प्रेमचंद पटेल ने एसईसीएल सीएमडी को लिखा पत्र, 80% प्रभावितों को रोजगार देने की उठाई मांग

कोरबा।कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने एसईसीएल में जमीन अधिग्रहण के बदले दी जाने वाली नौकरी की वर्तमान नीति में संशोधन की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने एसईसीएल के सीएमडी को पत्र लिखकर खदान प्रभावितों के हित में ठोस बदलाव करने की आवश्यकता जताई है।

पत्र में विधायक पटेल ने उल्लेख किया है कि कोल इंडिया की वर्तमान नीति के तहत केवल 20 प्रतिशत प्रभावितों को ही स्थायी रोजगार मिल पा रहा है, जबकि 80 प्रतिशत लोग रोजगार से वंचित रह जाते हैं। इससे खदान क्षेत्रों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है और कई बार खदानबंदी जैसे आंदोलन की स्थिति निर्मित हो जाती है।

उन्होंने कहा कि भू-विस्थापितों के आंदोलन से न केवल कोयला उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि देश को राजस्व की भी हानि होती है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने भू-विस्थापित फर्मों और सहकारी समितियों के लिए आरक्षित टेंडर की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर न्यूनतम 20 लाख रुपए करने की मांग की है।

इसके अलावा उन्होंने आउटसोर्सिंग कंपनियों में खदान प्रभावित क्षेत्रों के 80 प्रतिशत बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, तथा एसईसीएल में उपयोग होने वाले सभी चारपहिया वाहनों के टेंडर शत-प्रतिशत भू-विस्थापितों के लिए आरक्षित करने की भी मांग रखी है।

विधायक पटेल ने इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी,कोरबा कलेक्टर तथा एसईसीएल के गेवरा, दीपका और कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधकों को भी भेजी है।