डीएमएफ कार्यों में भेदभाव का आरोप, जनपद सदस्यों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

अधिकार व बजट की मांग, कोरबा-करतला में सामान्य सभा का किया बहिष्कार

कोरबा।जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद के कार्यों के आवंटन में कथित भेदभाव को लेकर जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के सदस्यों ने विरोध जताया है।

जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद जाखड़ के नेतृत्व में सदस्यों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्वीकृति की मांग की।

ज्ञापन में सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन द्वारा जिला पंचायत एवं उच्च पदाधिकारियों के लेटरपैड पर कार्यों को स्वीकृति दी जा रही है, जबकि जनपद सदस्यों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक जनपद सदस्य के अधीन औसतन 5 से 6 ग्राम पंचायतें आती हैं, जहां की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए सीधे उनसे संपर्क करती है। लेकिन पर्याप्त बजट और अधिकार नहीं मिलने के कारण वे कार्य कराने में असमर्थ हैं।

सदस्यों ने मांग की कि डीएमएफ के तहत कार्यों के आवंटन में उन्हें भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे क्षेत्र की समस्याओं का समय पर निराकरण कर सकें। इसी मुद्दे को लेकर कोरबा और करतला जनपद पंचायत में भी विरोध देखने को मिला, जहां सदस्यों ने सामान्य सभा का बहिष्कार किया।

जनपद सदस्यों का कहना है कि जिस प्रकार जिला पंचायत सदस्यों को अधिकार प्राप्त हैं, उसी तरह उन्हें भी कार्य स्वीकृत कराने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे आंदोलन तेज किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मधुरी सिंह, आयुष तंवर, विजय दुबे, दुर्गेश डिक्सेना, शिवभरोश लकड़ा, ममता पुहुप, आनंद आयाम, संतोष मरावी, पवन पोया, जवाहर बिंझवार, छत्तर पाटले, फूलकुंवर पावले, कमला पेंड्रो, श्यामा पेंड्रो, भरत सिदार, तिवारी मरावी, साहेब लाल एवं रघुराज सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।