जिला खनिज न्यास के कार्यों पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी: अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने का निर्देश

कोरबा। जिला खनिज न्यास अंतर्गत स्वीकृत स्वास्थ्य विभाग के कई निर्माण कार्य तय समय-सीमा पर भी पूर्ण नहीं हो सके हैं। इससे उपयोगिता का मसला खड़ा हो रहा है। समीक्षा बैठक में जिलाधीश कुणाल दुदावत ने कार्यों के अधूरे रहने पर नाराजगी जताई और कहा कि विकल्प खुले हैं तो अतिरिक्त मजदूर लगाकर ऐसे काम को पूरा किया जाए। अन्य स्थिति में एजेंसियों पर कार्यवाही होगी।

स्वास्थ्य के अलावा अन्य निर्माण विभागों की समीक्षा बैठक जिलाधीश कुणाल दुदावत ने ली। उन्होंने बारी-बारी से ऐसे कार्यों की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली। इन कार्यों के लिए जिला खनिज न्यास से पैसा जारी होना है। प्रशासन की मंशा है कि कार्यों को जल्द पूरा कराए जाए ताकि संबंधित क्षेत्र में इसका लाभ आमजन तक पहुंच सके।

उन्होंने मेडिकल कॉलेज हास्पिटल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित निर्माण कार्यों की रफ्तार पर असंतोष जताया। 30 स्वास्थ्य केंद्रों की प्रगति जानकर वे हैरान रह गए।

जिलाधीश ने विभिन्न स्थानों में कार्य ले चुके ठेकेदारों को निर्देशित किया कि कार्य लेने के बाद अनावश्यक लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इन भवनों का निर्माण किया जा रहा है, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश से पहले सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं तथा कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

कलेक्टर ने ठेकेदारों को कहा कि काम होने पर भुगतान हो, यह हमारी प्राथमिकता है। दिक्कत होने पर हमें जरूर बताएं। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालपुर, माचाडोली, अमलीकुंडा, सेमरा, चाकाबुड़ा सहित अन्य स्थानों के भवनों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए ठेकेदारों को अतिरिक्त मजदूर लगाकर कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी कार्यों को पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही चिर्रा-श्यांग मार्ग की भी समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश ठेकेदार को दिए।