रैम्प योजना के तहत मॉडर्न कॉलेज में स्टार्टअप जागरूकता कार्यक्रम: छात्रों को मिली नवाचार एवं उद्यमिता की जानकारी

कोरबा। उद्योग विभाग द्वारा संचालित रैम्प योजना (RAMP – माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज में एक्सेलेरेटेड रिफॉर्म्स के लिए संसाधन पहुंच) के अंतर्गत आज मॉडर्न कॉलेज में छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30 पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता की भावना का विकास करना एवं उन्हें सरकार की योजनाओं से जोड़ना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ शासन की नई स्टार्टअप नीति 2025-30 की विस्तृत जानकारी दी। इसमें बताया गया कि राज्य सरकार नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए योग्य स्टार्टअप इकाइयों को किस प्रकार की वित्तीय सहायता, प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।

प्रमुख बिंदुओं में शामिल थे:

वित्तीय सहायता: प्रारंभिक चरण में स्टार्टअप को आर्थिक सहयोग और विभिन्न प्रकार की सब्सिडी।

प्रोटोटाइप एवं विपणन सहायता: नए उत्पाद के नमूने (प्रोटोटाइप) तैयार करने और उसे बाजार में उतारने के लिए वित्तीय मदद।

मार्गदर्शन (मेंटरशिप): उद्योग विशेषज्ञों द्वारा स्टार्टअप को सही दिशा दिखाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन।

बाजार से जुड़ाव: स्टार्टअप उत्पादों और सेवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में सहायता।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्टार्टअप से संबंधित वित्तीय पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य विषयों पर गहन जानकारी प्राप्त की।

छात्रों ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में जानने और अपने नवाचारी विचारों को साकार रूप देने की प्रेरणा मिली है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन से यह स्पष्ट हो गया कि रैम्प योजना एवं स्टार्टअप नीति जैसी पहलें युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में सशक्त बना रही हैं।