कोयला खदान में अवैध रास्तों से सुरक्षा खतरा, एसईसीएल प्रबंधन ने ठेकेदारों को दिए बंद करने के निर्देश

कोरबा।एसईसीएल की मेगा कुसमुंडा कोयला परियोजना में निजी पैच क्षेत्र से लगे अवैध रास्तों के कारण खदान में अनाधिकृत प्रवेश का खतरा बढ़ गया है। इस गंभीर सुरक्षा समस्या को लेकर प्रबंधन ने चिंता जताई है और संबंधित ठेकेदार कंपनियों को अवैध रास्ते तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं।

कुसमुंडा खदान में कोयला उत्पादन एवं उठाव के लिए भारी-भरकम वाहनों का संचालन होता है। ऐसे में अवैध रास्तों से बाहरी लोगों के प्रवेश से चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं और हादसों का खतरा भी बना हुआ है।

नीलकंठ ए व बी तथा गोदावरी पैच के संचालित क्षेत्र से लगे परिसीमन में बने अवैध रास्तों को लेकर नोडल सुरक्षा अधिकारी व प्रबंधक (कार्मिक) ने ठेकेदार कंपनियों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि टीएसआर की शिकायत पर भी अवैध रास्ते बंद नहीं किए जा रहे हैं, जिससे अज्ञात व्यक्ति आसानी से खदान परिसर में घुसकर चोरी कर रहे हैं।

प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि खान अधिनियम के तहत खदान क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों का अवैध प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है।

भारी मशीनों (HEMM) के संचालन के दौरान ऐसा प्रवेश प्राणघातक दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।

ठेकेदार कंपनियों से अनुरोध किया गया है कि अधीनस्थ क्षेत्र में बने किसी भी अवैध रास्ते को तुरंत बंद करें, ताकि खदान की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं व चोरी की घटनाओं को रोका जा सके।

यह मामला कोयला खदानों में सुरक्षा और अतिक्रमण की समस्या को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है।