सड़कों की धूल और खस्ताहाल हालत से हादसों का खतरा, कलेक्टर ने दिए सुधार के सख्त निर्देश

कोरबा। जिले की कई सड़कों की खराब हालत और वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली धूल के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पुलिस विभाग, पीडब्ल्यूडी, नेशनल हाईवे ऑथारिटी ऑफ इंडिया, परिवहन विभाग के साथ-साथ साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और भारत एल्यूमिनियम कंपनी सहित औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में बताया गया कि संयुक्त निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर क्षतिग्रस्त सड़कें, खतरनाक मोड़, पेड़ों की छाया के कारण कम दृश्यता, अतिक्रमण, सड़क किनारे झाड़ियाँ तथा कोयला और फ्लाईऐश जमाव जैसी समस्याएँ सामने आई हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि छोटी कमियों को एक सप्ताह के भीतर और बड़े कार्यों को मार्च माह तक हर हाल में पूरा किया जाए।

साथ ही एसईसीएल, बालको और अन्य औद्योगिक इकाइयों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कोल डस्ट प्रभावित मार्गों की डेढ़ माह के भीतर मिशन मोड में सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। भारी वाहनों के अधिक आवागमन वाले मार्गों का निरीक्षण कर सुधार कार्य तत्काल शुरू करने को भी कहा गया है।

कलेक्टर ने गोपालपुर-छुरीकला, बालको-धर्री डेम तथा कोयला और फ्लाईऐश परिवहन मार्गों पर नियमित पानी छिड़काव कराने के निर्देश दिए। धूल नियंत्रण के लिए बालको मार्ग पर पानी के टैंकरों की संख्या तीन से बढ़ाकर पाँच करने तथा राताखार-जोड़ा पुल क्षेत्र में नगर निगम को तुरंत स्ट्रीट लाइट लगाने को कहा गया।

मदनपुर घाट मोड़, लमना घाट, डूमरकछार, रंगोली चौक, उरगा-मडवारानी ओवरब्रिज और राताखार जोड़ा पुल जैसे दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधार कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के सड़क दुर्घटना आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जिले में 18 प्रमुख ब्लैक स्पॉट और 3 ग्रे स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएँ होने के कारण त्वरित सुधार की आवश्यकता है।

कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर सड़क चौड़ीकरण, रंबल स्ट्रिप, क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतक, स्ट्रीट लाइट, पेड़ों की कटाई और सोल्डर फिलिंग जैसे कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएँ, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।