जनदर्शन में शिकायत के बाद भी सरकारी जमीन पर निर्माण जारी, सुशासन के दावों पर उठे सवाल

अवैध कब्जा और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार जहां एक ओर ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से बेहतर कानून व्यवस्था और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का दावा कर रही है, वहीं कोरबा जिले से सामने आया एक मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। जनदर्शन में लिखित शिकायत के बावजूद सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जा और निर्माण कार्य जारी रहने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार द्वारा जिला प्रशासन को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, कोरबा आरामशीन मुख्य मार्ग स्थित बेशकीमती शासकीय भूमि पर गंभीर अनियमितता की गई है। आरोप है कि रकबीर सिंह पिता महेंद्र सिंह ने स्वयं को भूमिहीन बताकर वर्ष 2002-03 में 240 वर्ग फीट भूमि का अस्थायी पट्टा प्राप्त किया था, जबकि वह संपन्न परिवार से संबंध रखता है।

शिकायत में कहा गया है कि पट्टे की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संबंधित व्यक्ति ने न केवल पट्टे की भूमि बल्कि आसपास की लगभग 1925 वर्ग फीट शासकीय जमीन का सौदा अब्दुल नसीम मसूरी के साथ करीब 22 लाख रुपये में कर दिया। आरोप है कि बिना नगर पालिक निगम की अनुमति के उक्त विवादित भूमि पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।

बताया गया कि इस पूरे मामले की शिकायत जिला दंडाधिकारी के समक्ष जनदर्शन में टोकन क्रमांक 2050126001660 के तहत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई। इसे लेकर लोगों में चर्चा है कि आखिर शिकायत के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कथित अवैध विक्रय को तत्काल निरस्त किया जाए, संबंधित पट्टा समाप्त कर पूरी भूमि शासन के अधिपत्य में ली जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण पर रोक लगाई जाए।

अब लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है कि मामले में जांच कर प्रभावी कदम उठाए जाते हैं या यह शिकायत भी फाइलों तक सीमित रह जाती है।