कोरबा: दांयीं तट नहर में रबी फसल के लिए 20 अप्रैल तक पानी छोड़ा जाएगा, बांयीं तट नहर की लाइनिंग मरम्मत प्रभावित              

अकलतरा शाखा के लिए 34 करोड़ और जांजगीर शाखा के लिए 9.44 करोड़ स्वीकृत

कोरबा। कोरबा जिले में इस साल रबी फसल की सिंचाई और निस्तार (पशु-पक्षी जलापूर्ति) के लिए हसदेव बांगो बांध से पर्याप्त पानी उपलब्ध है। दांयीं तट नहर में रबी फसल के लिए 20 अप्रैल तक पानी छोड़ा जाएगा। हालांकि बांयीं तट नहर की लाइनिंग मरम्मत का काम निस्तार के लिए पानी छोड़ने के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

सिंचाई विभाग के अनुसार, बांयीं तट नहर में 2 मार्च से निस्तार के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। इस बार गर्मी जल्दी शुरू होने और तालाब-पोखरों के सूखने की वजह से जल उपयोगिता समिति ने पहले ही पानी छोड़ने का निर्णय लिया।

अधिकतम 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा सकता है। निस्तार के लिए पानी 12 मार्च तक दिया जाएगा, जिसके बाद 15 मार्च से लाइनिंग मरम्मत का काम फिर शुरू होगा।

बांयीं तट नहर की लाइनिंग टूटने के कारण रबी फसल के लिए पानी नहीं दिया जा रहा है। इसकी मरम्मत के लिए 48 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। शहर के बीच राताखार के पास नहर लाइनिंग का काम चल रहा था, जिसे फिलहाल बंद करा दिया गया है।

शाखा नहरों की मरम्मत के लिए स्वीकृति:
अकलतरा शाखा नहर मरम्मत: 34 करोड़ रुपये
जांजगीर शाखा नहर मरम्मत: 9.44 करोड़ रुपये

इस साल रबी फसल का रकबा 25 हजार हेक्टेयर है। दांयीं तट नहर से जांजगीर और अकलतरा क्षेत्र में सिंचाई हो रही है, जबकि बांयीं तट नहर से सक्ती जिले के साथ रायगढ़ जिले के रायगढ़ और खरसिया ब्लॉक तथा कोरबा जिले के करतला ब्लॉक के कुछ हिस्सों में पानी पहुंचता है। नहर में पानी छोड़ने से सूखे नालों में भी धार बहने लगती है।

बांगो बांध में भराव की स्थिति:
बांध की क्षमता: 359.66 मीटर
वर्तमान जलस्तर: 355.75 मीटर
पानी का भराव: 2226.83 मिलियन घन मीटर (77.63 प्रतिशत)

बांगो बांध में पानी की कोई कमी नहीं है। अधिक भराव से खरीफ सीजन में फायदा होगा। जुलाई में नर्सरी के लिए पानी दिया जाएगा। हालांकि तालाबों को भरने के लिए अलग से पानी छोड़ना पड़ता है, क्योंकि कोई तालाब शाखा नहर से सीधे लिंक नहीं है। पानी खेतों से बहकर तालाबों में पहुंचता है।

पहले रबी फसल के लिए पानी देने पर निस्तार के लिए अलग से पानी नहीं छोड़ना पड़ता था, लेकिन इस बार जल्दी गर्मी और डिमांड बढ़ने से पहले ही निस्तार के लिए पानी छोड़ना पड़ा। सिंचाई विभाग ने आश्वासन दिया है कि रबी फसल और निस्तार दोनों की जरूरतों को पूरा किया जाएगा और मरम्मत कार्य समय पर पूरे होंगे।