कोरबा पावर लिमिटेड के 1600 मेगावाट क्षमता विस्तार पर जनसुनवाई सम्पन्न, 95% ग्रामीणों ने जताया समर्थन

कोरबा। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा बरपाली तहसील अंतर्गत स्थित कोरबा पावर लिमिटेड (केपीएल), पताड़ी के प्रस्तावित 1600 मेगावाट क्षमता विस्तार के लिए आयोजित जनसुनवाई शुक्रवार को ग्राम सरगबूंदिया स्थित शासकीय स्कूल मैदान में सम्पन्न हुई। दोपहर 12 बजे से शुरू हुई जनसुनवाई लगभग ढाई घंटे तक चली, जिसमें क्षेत्र के 12 गांवों से हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया।

जनसुनवाई में पीठासीन अधिकारी के रूप में अतिरिक्त कलेक्टर देवेन्द्र पटेल एवं क्षेत्रीय अधिकारी अंकुर साहू उपस्थित रहे। एसडीएम सरोज कुमार महिलांगे सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। अदाणी पावर लिमिटेड की ओर से पर्यावरण विभाग प्रमुख आर.एन. शुक्ला ने परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

सभा के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को लेकर अपनी बातें रखीं। पीठासीन अधिकारी ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए कंपनी की उपस्थिति में मांगों पर विचार का आश्वासन दिया।

बताया गया कि जनसुनवाई में उपस्थित लगभग 95 प्रतिशत लोगों ने 800-800 मेगावाट की दो इकाइयों के प्रस्तावित विस्तार का समर्थन किया। ग्राम पताड़ी, पहंदा, सरगबूंदिया, खोड्डल, बरीडीह, तिलकेजा सहित विभिन्न पंचायतों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने भी परियोजना के पक्ष में अपनी सहमति जताई।

ग्रामीणों ने कहा कि संयंत्र के विस्तार से क्षेत्र में विकास के नए आयाम खुलेंगे और हजारों स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। कुछ वक्ताओं ने कंपनी द्वारा सड़कों पर सोलर लाइट, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा सामग्री वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए विस्तार का समर्थन किया।

उल्लेखनीय है कि बरपाली तहसील में स्थित इस संयंत्र में पूर्व से 300-300 मेगावाट की दो इकाइयाँ संचालित हैं। कंपनी के अनुसार सामाजिक सरोकारों के तहत आसपास के 12 से अधिक गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

जनसुनवाई के अंत में परियोजना प्रमुख सी.वी.के. प्रसाद ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षमता विस्तार से रोजगार सृजन के साथ क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और कंपनी ग्राम उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है।