जंगलों की सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण पर कार्यशाला, विशेषज्ञों ने दिए अहम टिप्स

कोरबा। पसरखेत रेंज के कोलगा में वन विभाग की ओर से वानस्पतिक परिचय विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जंगलों के संरक्षण, वनस्पतियों की पहचान और वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना था।

इस अवसर पर जिला लघु वनोपज यूनियन के पूर्व अध्यक्ष टिकेश्वर राठिया ने वनों को आगजनी से बचाने और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान होता है, बल्कि जैव विविधता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।

कार्यक्रम में नोवा नेचर के प्रमुख जितेंद्र सारथी ने इकोसिस्टम की संरचना और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में स्थानीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यशाला में वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारी और सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। उपस्थित जनों को जंगलों की सुरक्षा, वन संपदा के सतत उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई।

आयोजकों ने सभी से मिलकर जंगलों को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की।