अपर आयुक्त की सख्ती: बैंकों को लंबित पीएम स्वनिधि ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश

कोरबा। अपर आयुक्त विनय मिश्रा ने साकेत स्थित सभाकक्ष में बैंकों की समीक्षा बैठक लेकर पीएम स्वनिधि योजना के लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों को निर्देशित किया कि योजना अंतर्गत लंबित सभी ऋण आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके।

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं को 15 हजार रुपये तक का बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया जाता है। इसके बाद 25 हजार और 50 हजार रुपये तक का ऋण 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य पथ विक्रेताओं को आर्थिक सहायता देना, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि शासन के लक्ष्य के अनुरूप विभिन्न बैंकों में 12,980 हितग्राहियों के ऋण आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए हैं। इनमें से 10,153 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 9,615 हितग्राहियों को ऋण वितरित कर लाभान्वित किया जा चुका है।

अपर आयुक्त विनय मिश्रा ने शेष लंबित प्रकरणों पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकों को निर्देश दिया कि वे योजना को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र पथ विक्रेताओं को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।