वन्यजीव संरक्षण को लेकर कनकी विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों ने सर्प मिथकों पर किए सवाल

कोरबा । कोरबा जिले के करतला विकासखंड अंतर्गत ग्राम कनकी स्थित शासकीय विद्यालय में वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पीपीटी एवं डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीवों के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रबंधन द्वारा वन विभाग के अधिकारियों एवं नोवा नेचर संस्था की टीम का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने से हुई। इसके पश्चात रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी ने विद्यार्थियों को बताया कि वन्यजीवों का संरक्षण क्यों आवश्यक है और इसका पर्यावरण संतुलन से क्या गहरा संबंध है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विषैले एवं विषहीन सांपों की पहचान, सर्पदंश की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, साथ ही कनकी क्षेत्र में आने वाले प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। इसके अलावा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की प्रमुख धाराओं को सरल भाषा में समझाया गया। इस दौरान छात्रों ने सर्पों से जुड़े कई मिथकों पर उत्सुकता के साथ सवाल-जवाब किए।

सहायक वन संरक्षक (प्रशिक्षु) अर्चना पैकरा ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण में छोटे कीट-पतंगों से लेकर विशालकाय हाथी तक, प्रत्येक जीव का अपना विशेष महत्व है। सभी जीव मिलकर ही प्रकृति का संतुलन बनाए रखते हैं, इसलिए उनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का परिचय दिया।

इस अवसर पर सहायक वन संरक्षक (प्रशिक्षु) अर्चना पैकरा, प्राचार्य प्रहलाद कौशिक,प्रभारी प्राचार्य बी.एन.यादव,वन समिति अध्यक्ष नर्मदा शंकर रजवाड़े,जनप्रतिनिधि गोरे लाल मांझी,कनकी युवा समिति सचिव बसंत रजवाड़े,रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी सहित वन विभाग के कर्मचारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।