कोरबा में रातों-रात गायब हुआ लोहे का पुल: 5 और आरोपी गिरफ्तार, कुल 10 जेल में; कबाड़ माफिया पर पुलिस की सख्त कार्रवाई

कोरबा। कोरबा जिले में रशियन हॉस्टल के पास नहर और डेंगुरनाला पर बने लोहे के पुल/रेलिंग की चोरी का मामला अब संगठित अपराध की शक्ल ले चुका है। पुलिस ने इस सनसनीखेज चोरी के मामले में 5 और आरोपियों को दबोच लिया है, जिससे अब तक कुल 10 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। शेष 5 फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, 17-19 जनवरी 2026 की दरमियानी रात चोरों ने गैस कटर से पुल की लोहे की संरचना को काटकर चुरा लिया था। यह पुल करीब 60-70 फीट लंबा और 10-15 टन वजनी था, जो स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम था। जांच में पता चला कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और चोरी की गई लोहे की सामग्री को कबाड़ में बेचने की योजना बना रहे थे।

ताजा गिरफ्तार आरोपियों में रोहित कुमार, राजेश कुमार उपाध्याय, विक्की कुमार साह, मोहम्मद असलम और मोहम्मद अब्दुल कादिर शामिल हैं। इनके अलावा दो नाबालिग अपराधियों को भी पकड़ा गया है।

पूछताछ में इन आरोपियों ने पुल काटने की बात कबूल की है। इनके नाम अन्य पाइप कटिंग और चोरी की घटनाओं में भी सामने आए हैं, जिनकी जांच अलग-अलग थानों में चल रही है।

इसके साथ ही पुलिस ने तीन नई FIR भी दर्ज की हैं, जिनमें नगर निगम और बालको की जलापूर्ति लाइनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश शामिल है।

अवैध कबाड़ कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुल चोरी के बाद पुलिस ने कबाड़ माफिया पर भी शिकंजा कसा है। थाना उरगा क्षेत्र में एक अवैध कबाड़ संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कोरबा, कटघोरा और दर्री अनुभाग में संयुक्त छापेमारी में अब तक 7 कबाड़ दुकानों/यार्ड को सील किया जा चुका है। नगर निगम और तहसील टीम दस्तावेज, खरीद-बिक्री रजिस्टर और सामग्री के स्रोत की जांच कर रही है। उल्लंघन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा और सार्वजनिक संपत्ति की चोरी रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा। यह घटना स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है, क्योंकि पुल चोरी से आवागमन प्रभावित हुआ है।