26 जनवरी को हर गांव में उल्लास मेला: पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य

कोरबा। जिला साक्षरता विभाग द्वारा कोरबा को पूरी तरह साक्षर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 को जिले के प्रत्येक ग्राम में उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना है जो अभी तक निरक्षर हैं, साथ ही उन्हें जीवन कौशल प्रदान करना है।

कोरबा जिला कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन के अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। कलेक्टर ने बताया कि यह मेला जिले को पूर्ण साक्षर बनाने की ओर महत्वपूर्ण कदम है।

उल्लास मेले में प्रतिभागियों को न केवल पढ़ना-लिखना और जोड़-घटाना सिखाया जाएगा,बल्कि डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरताऔर रोजमर्रा के काम आने वाले व्यावहारिक कौशल भी प्रदान किए जाएंगे। प्राथमिक स्कूलों में स्टॉल लगाकर खेल-खेल में सीखने की रोचक व्यवस्था की जाएगी।

लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभात फेरी, नारा लेखन, मशाल रैली और मुनादी के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाएगा। ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्काउट-गाइड सदस्य, स्वयंसेवी शिक्षक और जनप्रतिनिधि मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देंगे।

इसके अलावा, जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा और करतला विकास खंड परियोजना अधिकारी लोकनाथ सेन ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गिधोरी संकुल में जाकर ग्रामवासियों और बच्चों को साक्षर ग्राम बनाने की शपथ दिलवाई।

यह आयोजन भारत सरकार के उल्लास –नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हो रहा है, जिसका लक्ष्य 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाना है। कोरबा जिला इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है और 26 जनवरी को शिक्षा का उत्सव मनाने को तैयार है।