रायपुर/कोरबा।छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) सिस्टम की अनिवार्यता में बड़ी छूट दी है। नए नियम के अनुसार, केवल 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के 10 किमी दायरे में स्थित बिजली संयंत्रों को ही FGD लगाना अनिवार्य है।
कोरबा जैसे प्रमुख कोयला-आधारित बिजली उत्पादन क्षेत्र के अधिकांश थर्मल प्लांट इस छूट के दायरे में आते हैं, जिससे प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के इंस्टॉलेशन, संचालन और रखरखाव का भारी खर्च बचता है। इससे बिजली उत्पादन लागत में कमी आने की उम्मीद थी।
इसके अलावा, जीएसटी परिषद के सुधार के तहत सितंबर 2025 में कोयले पर ₹400 प्रति टन कंपेंसेशन सेस पूरी तरह हटा दिया गया (हालांकि GST दर 5% से बढ़ाकर 18% कर दी गई, लेकिन कुल मिलाकर कई ग्रेड के कोयले में लागत में कमी आई)। इससे प्रति यूनिट बिजली उत्पादन लागत में 17-18 पैसे तक की कमी का अनुमान जताया गया था। उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली का इंतजार था।
लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने ठीक उलटा कदम उठाया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) में याचिका दाखिल की है, जिसमें करीब 6 हजार करोड़ रुपये का घाटा बताया गया है।
इसी आधार पर कंपनी ने औसतन 24 प्रतिशत तक बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है और नया टैरिफ प्लान भी जमा किया है।
पिछले रिकॉर्ड से उपभोक्ता चिंतित
पिछले साल कंपनी ने घाटा बताकर दो बार दरें बढ़वाई थीं।
घरेलू उपभोक्ताओं की हाफ बिजली बिल योजना पहले 400 यूनिट तक थी, लेकिन अब इसे पहले 100 यूनिट तक सीमित किया गया और बाद में 200 यूनिट तक बढ़ाया गया है।
नियामक आयोग अब इस प्रस्ताव पर जनता से दावा-आपत्तियां मांगेगा और जनसुनवाई के बाद अंतिम फैसला लेगा।
यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए निराशाजनक है। लागत घटाने वाले फैसलों के बावजूद बिजली कंपनी घाटे का हवाला देकर दरें बढ़ाने पर आमादा है। क्या यह वास्तविक घाटा है या प्रबंधन/वितरण घाटे की भरपाई का तरीका?
आने वाले दिनों में जनसुनवाई और आयोग का फैसला तय करेगा। तब तक उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का इंतजार करना पड़ सकता है।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677
















