कोरबा कंटीजेंट ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी में मचाया धूम: चिमनीनुमा गेट बना आकर्षण का केंद्र

कोरबा। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दुधली गांव में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी में कोरबा जिले के प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन कर सबका दिल जीत लिया। खासतौर पर कोरबा कंटीजेंट द्वारा बनाया गया चिमनीनुमा जिला गेट आयोजन स्थल का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

इस अनोखे गेट को कोरबा के रोवर सेक्शन ने तैयार किया था। चिमनी से वाकई धुंआ निकलता दिखाई देता था और रात के समय लाइट्स की चमकदार रोशनी से पूरा गेट जगमगा उठता था। यह गेट कोरबा की औद्योगिक पहचान (पावर प्लांट्स की चिमनियों) का प्रतीकात्मक और रचनात्मक प्रदर्शन था, जिसने दर्शकों को प्रभावित किया।

जम्बूरी में 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने भाग लिया, जिसमें पड़ोसी देश श्रीलंका के प्रतिनिधि भी शामिल थे। युवा शक्ति से राष्ट्र निर्माण थीम पर आधारित इस ऐतिहासिक आयोजन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, एथनिक फैशन शो, ट्रायबल कार्निवाल और यूथ पार्लियामेंट जैसे कार्यक्रमों ने खूब वाहवाही बटोरी।

मुख्य अतिथियों में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और यूथ पार्लियामेंट में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए।

कोरबा जिले से 200 से अधिक सीनियर स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स और लीडर्स ने हिस्सा लिया। कंटीजेंट का नेतृत्व जिला प्रभारी प्रीतमलाल राजवाड़े, आशालता कौशिक और सहायक जिला प्रभारी राजीव कुमार साहू, शशिकला सोनी ने किया।

कोरबा टीम की इस क्रिएटिविटी और उत्साह ने पूरे जम्बूरी में अपनी अलग पहचान बनाई। यह गेट न सिर्फ कोरबा की शान बना, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं की प्रतिभा और टीमवर्क का शानदार उदाहरण भी साबित हुआ।