मातृ सेवा संकल्प अभियान: कोरबा पुलिस ने एक सप्ताह में 262 महिला शिकायतों का किया निराकरण

328 लंबित आवेदनों की हुई समीक्षा, 55 मामलों में एफआईआर दर्ज; पारिवारिक विवादों के 40 प्रकरणों में काउंसलिंग

कोरबा।महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस ने नवरात्रि पर्व के पूर्व ‘मातृ सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया।पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.) के निर्देशन में संचालित इस अभियान के दौरान महिला संबंधी 328 लंबित शिकायतों और आवेदनों को चिह्नित कर उनकी समीक्षा की गई।

इनमें से 262 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिकायतों की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर 55 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई, जबकि शेष आवेदनों पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

महिला पीड़ितों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला और थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों को लंबित प्रकरणों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अभियान का उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्रवाई करना, पात्र मामलों में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाना तथा पारिवारिक विवादों का उचित परामर्श के माध्यम से समाधान तलाशना रहा।

55 मामलों में एफआईआर, 27 में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
कोरबा पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर 55 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। वहीं, शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित विवादों को रोकने के उद्देश्य से 27 प्रकरणों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।

इसके अलावा, पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर के 58 मामलों में आवेदिकाओं को उचित विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई। पुलिस ने शिकायतों की प्रकृति और तथ्यों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए पीड़ित महिलाओं को आगे की कानूनी प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया।

40 पारिवारिक विवादों में कराई गई काउंसलिंग
अभियान के दौरान पारिवारिक विवादों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पति-पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों से जुड़े 40 मामलों में महिला सेल के माध्यम से काउंसलिंग कराई गई। इसका उद्देश्य संबंधित पक्षों की परिस्थितियों को समझना, आपसी संवाद को बढ़ावा देना और कानून के दायरे में रहते हुए विवादों का उचित समाधान तलाशना था।

पुलिस के मुताबिक, महिला संबंधी शिकायतों में केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं की परिस्थितियों को समझना और उन्हें आवश्यक परामर्श एवं सहायता उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है। इसी दृष्टिकोण के तहत महिला सेल के माध्यम से मामलों की सुनवाई और काउंसलिंग की गई।

शेष शिकायतों पर कार्रवाई जारी
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत चिह्नित 328 लंबित आवेदनों में से 262 का निराकरण किया गया है। शेष आवेदनों पर भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। अभियान के माध्यम से महिला संबंधी शिकायतों के निपटारे में तेजी लाने और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग पर जोर दिया गया।

कोरबा पुलिस ने महिलाओं से अपील की है कि हिंसा, उत्पीड़न, प्रताड़ना या किसी अन्य अपराध से संबंधित शिकायत होने पर वे बिना संकोच पुलिस से संपर्क करें।

पुलिस के अनुसार, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

कोरबा पुलिस का संदेश है महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है।