घंटाघर मैदान में हाईमास्ट लाइट शिफ्ट करते समय पलटा हाइड्रा, बड़ा हादसा टला

60 से 70 फीट लंबे हाईमास्ट को निकालने के दौरान हुई घटना, सुरक्षा इंतजामों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

कोरबा। शहर के घंटाघर मैदान में हाईमास्ट लाइट को हटाकर दूसरी जगह स्थापित करने के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगर पालिक निगम द्वारा कराए जा रहे कार्य के दौरान करीब 60 से 70 फीट लंबे हाईमास्ट लाइट को निकालते समय हाइड्रा अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, भारी वाहन के पलटने से मौके पर गंभीर हादसे की आशंका पैदा हो गई थी।

जानकारी के अनुसार, घंटाघर मैदान में हाईमास्ट लाइट को एक स्थान से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम कराया जा रहा था। इसी दौरान ऊंचे हाईमास्ट को निकालने की प्रक्रिया में हाइड्रा पलट गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। बाद में दो अन्य हाइड्रा की मदद से पलटे हुए वाहन को सीधा किया गया।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

इस घटना के बाद हाईमास्ट लाइट को हटाने के लिए अपनाई गई कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब 60 से 70 फीट लंबे ढांचे को हटाने के लिए पर्याप्त क्षमता वाले उपकरणों की व्यवस्था और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी था। ऐसे में सवाल है कि काम शुरू करने से पहले स्थल का निरीक्षण और संभावित जोखिमों का आकलन किया गया था या नहीं।

चालक और ठेकेदार की भूमिका की जांच जरूरी

घटना के बाद वाहन चालक और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हाइड्रा पलटने के वास्तविक कारणों और इसके लिए जिम्मेदारी तय करने के संबंध में फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

घंटाघर मैदान शहर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे स्थान पर भारी मशीनों की मदद से ऊंचे और वजनी ढांचे को हटाते समय प्रशिक्षित ऑपरेटर, उपयुक्त क्षमता वाले उपकरण और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करना आवश्यक है।

अब देखना होगा कि नगर निगम इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कार्यस्थल पर अपनाए गए सुरक्षा मानकों और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच कराता है या नहीं।