जिले में धान व्यवस्था पर कलेक्टर की सख्ती:पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

कोरबा। जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी राइस मिलर्स की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य धान के उठाव, परिवहन और मिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित करना था।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम कंवर सहित कोरबा जिले के प्रमुख राइस मिलर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट रूप से कहा कि धान उठाव से लेकर मिलिंग तक की हर प्रक्रिया में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि पूरी व्यवस्था समयबद्ध, अनुशासित और पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, जिससे किसानों, शासन और मिलर्स के हितों की रक्षा हो सके।


धान परिवहन वाली हर ट्रक की आगे और पीछे की नंबर प्लेट की फोटो अनिवार्य रूप से ली जाए।

गाड़ियों को अनावश्यक रूप से रोकने या देरी करने पर तुरंत सख्त कार्रवाई।

सतर्क ऐप से आने वाले अलर्ट्स पर विशेष नजर, फिजिकल वेरीफिकेशन (पीवी) में कोई मिसमैच न हो।

ट्रकों की लोडिंग उनकी निर्धारित क्षमता के अनुसार ही हो, अधिक लोडिंग पर रोक।

सभी मिलर्स से पूर्ण समन्वय, जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करने की अपील।

कलेक्टर ने दो टूक कहा,”किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

यह बैठक छत्तीसगढ़ में चल रही धान खरीदी और कस्टम मिलिंग प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन की यह सख्ती किसानों को समय पर उनका हक दिलाने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया बड़ा प्रयास माना जा रहा है।