धान खरीदी की अव्यवस्था ने तोड़ा किसान का सब्र: टोकन न मिलने से हताश किसान ने पीया जहर, सांसद महंत ने हाल चाल जाना

कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई है। धान खरीदी में लगातार हो रही अव्यवस्था और टोकन न मिलने के कारण परेशान एक आदिवासी किसान ने हताश होकर जहर का सेवन कर लिया। किसान की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज अस्पताल) में चल रहा है।


पीड़ित किसान सुमेर सिंह (ग्राम पुटा/कोरबी-धतुरा, हरदीबाजार तहसील) पिछले महीने से अपना धान बेचने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनके पास करीब 68 क्विंटल धान है, लेकिन खरीदी केंद्रों पर टोकन नहीं कट रहा था। फड़ प्रभारी द्वारा बार-बार “आज-कल” कहकर टालने और जनदर्शन में शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। हताशा की चरम स्थिति में किसान ने जहर खा लिया।

जानकारी मिलते ही कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत तुरंत अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने किसान का हालचाल जाना, परिवार से बात की और सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी के अंतिम दौर में भी किसान टोकन के लिए भटक रहे हैं, जो पूरी तरह से अमानवीय है।

यह घटना छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है, जहां लक्ष्य पूरा होने में अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं और किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

प्रशासन से मांग है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और बाकी किसानों के टोकन जल्द जारी किए जाएं। किसान सुमेर सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना।