जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस कोरबा तक विस्तार की मांग तेज रेल संघर्ष समिति का शिष्टमंडल सांसद ज्योत्सना महंत से मिला, ज्ञापन सौंपा

18 करोड़ की पिट लाइन 15 साल से बंद,रेलवे पर जानबूझकर उपेक्षा का आरोप

कोरबा। कोरबा जिले की रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। रेल संघर्ष समिति के शिष्टमंडल ने 10 जनवरी को कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर कई प्रमुख ट्रेनों के विस्तार की मांग की।

समिति ने कहा कि जबलपुर-रायपुर मूकमाटी एक्सप्रेस (जिसे हाल ही में शुरू किया गया है) का विस्तार कोरबा तक किया जाए। साथ ही तिरुपति-बिलासपुर एक्सप्रेस, भोपाल-बिलासपुर पैसेंजर को भी कोरबा तक बढ़ाया जाए।

रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस का विस्तार दुर्ग तक करने की मांग भी रखी गई।

समिति के सदस्यों ने बताया कि डेढ़ दशक पहले 18 करोड़ रुपये की लागत से बनी पिट लाइन आज भी बंद पड़ी है।

आरोप लगाया गया कि रेलवे जानबूझकर इसे शुरू नहीं कर रहा, ताकि कोरबा से ज्यादा ट्रेनें न चलानी पड़ें।

ये भी मांगें
कोरबा से राउरकेला और बीकानेर के लिए सीधी ट्रेनें शुरू हों।इन प्रस्तावों पर राजस्थान और ओडिशा के सांसद पहले ही रेल मंत्रालय को अवगत करा चुके हैं।

समिति का कहना है कि इन बदलावों से कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के बड़े इलाके के यात्रियों, छात्रों और व्यापारियों को सीधा फायदा होगा। यात्रा समय बचेगा और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

सांसद ज्योत्सना महंत ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को रेल मंत्रालय में मजबूती से उठाएंगी और प्रभावी कदम उठाने की कोशिश करेंगी।

जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 11701/11702) अगस्त 2025 में शुरू हुई थी, जो करीब 410 किमी की दूरी 8 घंटे में तय करती है। लेकिन कोरबा तक विस्तार अभी तक नहीं हुआ। स्थानीय संगठन लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं।

अगर ये मांगें पूरी होती हैं तो कोरबा के लिए रेल यात्रा आसान और सस्ती हो जाएगी।