1055 टीबी मरीजों को पोषण किट, इलाज के लिए 24 लाख की मदद

एसईसीएल-एनटीपीसी ने सीएसआर से दी राशि, मंत्री देवांगन बोले– 6 माह नियमित दवा जरूरी

कोरबा। टीबी को जड़ से मिटाने का संकल्प अब कोरबा में नई रफ्तार पकड़ रहा है। जिले में फिलहाल 1055 सक्रिय टीबी मरीज हैं। इन सभी को बेहतर इलाज के साथ पौष्टिक आहार देने के लिए 24 लाख रुपये की राशि से पोषण किट का वितरण किया गया। एसईसीएल और एनटीपीसी ने अपने सीएसआर फंड से यह मदद उपलब्ध कराई है।

एक भव्य कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने खुद मरीजों को पोषण आहार किट सौंपे और उनके हाल-चाल पूछे। मंत्री ने कहा, “टीबी को खत्म करने के लिए नियमित 6 महीने दवा लेना सबसे जरूरी है। जिले में मरीजों की संख्या पहले से काफी कम हो चुकी है। अब हम 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य पूरा करेंगे।”

ये पोषण किट्स में दूध पाउडर, चना, गुड़, सोयाबीन, मूंगफली, विटामिन युक्त सामग्री समेत कई जरूरी चीजें शामिल हैं, जो मरीजों की कमजोरी दूर कर इलाज में तेजी लाती हैं।


कार्यक्रम में मौजूद रहे महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, गोपाल मोदी, सीएमएचओ डॉ. एस. एन. केशरी, क्षय अधिकारी डॉ. बी. आर. रात्रे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी। डॉ. रात्रे ने जिले में चल रही टीबी जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियानों की विस्तृत जानकारी दी।

आम लोग भी कर सकते हैं मदद
सीएमएचओ डॉ. एस. एन. केसरी ने बताया कि बड़े उद्योगों के अलावा आम नागरिक भी इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं। सिर्फ 500 रुपये का अंशदान देकर आप किसी टीबी मरीज को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवा सकते हैं। उनका कहना था, “यह छोटी रकम किसी मरीज की जिंदगी बदल सकती है।”

पोषण + नियमित दवा = टीबी से पूरी मुक्ति
यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। कोरबा जिला टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर आप भी सहयोग करना चाहते हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या क्षय रोग विभाग से संपर्क करें।

सभी मिलकर टीबी को हराएं… क्योंकि स्वस्थ कोरबा = स्वस्थ छत्तीसगढ़!