कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक: ब्लैक स्पॉट सुधार और जागरूकता पर जोर, PWD ईई को नोटिस

यातायात व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश

स्कूल-कॉलेजों में साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के आदेश

वाहन चालकों के लिए पूरे साल नेत्र परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश

कोरबा जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्लैक स्पॉट्स, सड़क मरम्मत और जागरूकता अभियानों पर विस्तृत चर्चा हुई तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी कटघोरा  कुमार निशांत, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर  देवेंद्र पटेल, परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री दुदावत ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए शीघ्र सुधार कार्य कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ब्रेकर लगाने, स्पष्ट साइनेज, रेडियम पट्टियां, पेड़-झाड़ियों की छंटाई और दृष्टि बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने वाली सड़कों पर भी ब्रेकर लगाने के आदेश दिए गए।

सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग (PWD) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, PWD और PMGSY के अंतर्गत चल रहे टेंडरों को जल्द पूरा कराने तथा निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने को कहा। नगरीय क्षेत्रों में हाई मास्ट और स्ट्रीट लाइट लगाने तथा पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए।

सार्वजनिक उपक्रमों जैसे बाल्को और एसईसीएल को अपनी सड़कों की गुणवत्ता, मरम्मत और सीसीटीवी स्थापना सुनिश्चित करने को कहा गया। नो पार्किंग जोन में भारी वाहनों की पार्किंग पर सख्ती बरतने के आदेश दिए गए।

जन जागरूकता के लिए स्कूल-कॉलेजों में प्रति सप्ताह रंगोली, नुक्कड़ नाटक, क्विज और निबंध प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। एनसीसी, एनएसएस और स्काउट गाइड के सदस्यों को इसमें शामिल करने को कहा गया।

दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पूरे वर्ष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें भारी वाहन चालकों (ट्रक-बस ड्राइवर) को प्राथमिकता दी जाएगी। हल्के वाहन चालक, ऑटो और ड्राइवर संघ के सदस्यों तथा आमजन का भी परीक्षण कराया जाएगा।

कलेक्टर ने सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सतर्कता और नियमों के पालन से जिले की सड़कें दुर्घटना-मुक्त बनाई जा सकती हैं।

बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए।