करतला रेंज में ओझल हुए दंतैल हाथी: एक नया दंतैल भी पहुंचा, वन विभाग ड्रोन से तलाश में जुटा

कोरबा।जिले के कोरबा वनमंडल अंतर्गत करतला रेंज में अलग-अलग घूम रहे दो दंतैल हाथियों का बीती रात से कोई पता नहीं चल पा रहा है। बड़मार और चिकनीपाली जंगलों में विचरण कर रहे ये हाथी अचानक ओझल हो गए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।

वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए ड्रोन कैमरों और मैदानी अमले को तैनात कर हाथियों का लोकेशन ढूंढने का अभियान तेज कर दिया है।अब तक अमले को हाथियों की लोकेशन नहीं मिल सकी है, लेकिन विभाग लगातार जंगलों की तलाशी ले रहा है ताकि ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट किया जा सके।

जानकारी के मुताबिक, इनमें से एक दंतैल हाथी बड़मार गांव के जंगल में और दूसरा चिकनीपाली क्षेत्र के पहाड़ पर देखा गया था। चिकनीपाली वाला हाथी बेहद आक्रामक है, जिसने हाल ही में कोरबा और कटघोरा क्षेत्र में हमला कर तीन लोगों की जान ले ली थी।इसके बाद यह हाथी करतला रेंज पहुंचा और सेंद्रीपाली क्षेत्र में एक सप्ताह तक फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद चिकनीपाली में डेरा डाल लिया। लेकिन रात भर लोकेशन न मिलने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि हाथी अभी भी क्षेत्र में हैं या कहीं और चले गए।

इधर, ताजा अपडेट में करतला रेंज में एक और दंतैल हाथी कुदमुरा क्षेत्र से अचानक पहुंच गया है, जिसे बड़मार जंगल में विचरण करते स्पॉट किया गया। वन विभाग ने इसकी भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। इसके अलावा, कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में 49 और एतमानगर के बारापचरा में दो हाथी सक्रिय हैं, जबकि सक्ती रेंज में एक दंतैल झुंड में शामिल हो गया है। कुल मिलाकर कोरबा वनमंडल में 11 और कटघोरा में 52 हाथी विचरण कर रहे हैं।

वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात में अकेले जंगलों के पास न जाएं और विभाग की सूचनाओं का पालन करें। ड्रोन और थर्मल कैमरों से निगरानी जारी है, ताकि किसी भी हादसे को रोका जा सके। यह घटना क्षेत्र में हाथी आतंक की चिंता बढ़ा रही है, जहां पिछले एक साल में एक ही दंतैल ने नौ लोगों की जान ले ली है।