कामकाज ठप कर कर्मचारियों ने मांगों पर बनाया दबाव: तीन दिवसीय आंदोलन के बाद सरकार को अल्टीमेटम

कोरबा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए तीन दिनों तक सरकारी कामकाज ठप रखा। आंदोलन के अंतिम दिन शहर में बड़ी रैली निकाली गई और सरकार को सख्त अल्टीमेटम दिया गया कि मांगें जल्द पूरी की जाएं।

रैली के बाद फेडरेशन के प्रमुख पदाधिकारी केआर डहरिया, जगदीश खरे, तरुण सिंह राठौर सहित अन्य नेताओं ने अपर कलेक्टर ओंकार यादव को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि मांगों को शासन स्तर पर त्वरित रूप से पहुंचाया जाएगा।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें शामिल हैं केंद्रीय कर्मचारियों के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) और समयमान वेतनमान की स्वीकृति, संविदा, दैनिक वेतन भोगी तथा अनियमित कर्मचारियों का तत्काल नियमितीकरण, कैशलेस चिकित्सा सुविधा की बहाली और अर्जित अवकाश के नगदीकरण की व्यवस्था फिर से शुरू करना।

आंदोलन में ओमप्रकाश बघेल, आरडी श्रीवास, पीयूष निर्मलकर, एम.एस. राठिया, नित्यानंद यादव, कृति लहरे, विनोद सांडे, आरआर श्रीवास, राजेश तिवारी, सीएल पटेल, रामकपुर कुर्रे,तरूण वैष्णव, लोकनाथ सेन, अशोक राठिया, अशोक कश्यप, संतोषी सिंह, सपना राजपूत, ज्योति सिंह, सीमा लाल सहित हजारों कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। फेडरेशन ने मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए आगे भी संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।