30% से कम परिणाम वाले स्कूलों की बनेगी सूची,डीईओ को सौंपी गई जिम्मेदारी, जनवरी में होगी प्राचार्यों की बैठक

कोरबा।जिले में शैक्षणिक परिणामों में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड एवं अन्य परीक्षाओं में 30 प्रतिशत और 60 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले विद्यार्थियों और विद्यालयों की सूची तैयार की जाएगी। यह जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को सौंपी गई है, जिसके लिए समयसीमा भी निर्धारित की गई है।

साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शिक्षा विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर परिणाम वाले विद्यार्थियों एवं स्कूलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनवरी के पहले सप्ताह में जिले के सभी प्राचार्यों की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें कमजोर शैक्षणिक प्रदर्शन वाले स्कूलों के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

कलेक्टर ने जिले में शेष जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार कर पंचायत, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं शिक्षा विभाग से उसका सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए।

साथ ही पीएम-श्री विद्यालयों एवं समग्र शिक्षा मद के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कई स्थानों पर कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने बालवाड़ी, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और सेजेस भवनों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को पीएम सूर्यघर योजना से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने विद्युत विभाग को पीवीटीजी परिवारों के आवासों में सोलर सिस्टम लगाने तथा कोरबा एवं कटघोरा डिवीजन में योजना के क्रियान्वयन हेतु लीड बैंक मैनेजर को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस योजना से पीवीटीजी परिवार न केवल ऊर्जा उपभोक्ता बनेंगे, बल्कि भविष्य में ऊर्जा उत्पादक भी बन सकेंगे।