जिले में ई-केवाईसी नहीं कराने पर 95 हजार लोगों का राशन रोका, 15 हजार कार्ड निरस्त

कोरबा । कोरबा जिले में राशन कार्ड की ई-केवाईसी प्रक्रिया सख्ती से लागू की जा रही है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले करीब 95 हजार सदस्यों का राशन आवंटन रोक दिया गया है। इसके अलावा लंबे समय से राशन नहीं उठाने वाले एपीएल कार्डधारकों के कार्ड भी होल्ड कर दिए गए हैं। सत्यापन के आधार पर अब तक 15,491 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि डेढ़ लाख राशन कार्डों की जांच अभी जारी है।

जिले के शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 553 राशन दुकानें संचालित हैं, जहां 3 लाख 57 हजार राशन कार्ड प्रचलित हैं।

इन कार्डों से जुड़े कुल 11 लाख 80 हजार सदस्य लाभान्वित हो रहे हैं। खाद्य मंत्रालय द्वारा अगस्त 2019 से शुरू की गई ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के तहत प्रदेश में फरवरी 2022 से लागू होने के बाद राशन कार्डधारक देश के किसी भी राज्य की राशन दुकान से अपना हिस्सा ले सकते हैं।

राशन कार्ड के सभी सदस्यों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। यह प्रक्रिया पिछले तीन वर्षों से चल रही थी और लोगों को अगस्त तक समय दिया गया था। अब राशन वितरण ई-पॉस मशीन के माध्यम से होता है, जहां मशीन से ही ई-केवाईसी कराई जा सकती है। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी 95 हजार सदस्यों ने ई-केवाईसी नहीं कराई, जिसके कारण शासन स्तर से उनके राशन का आवंटन रोक दिया गया है।

जिला खाद्य अधिकारी जीएस कंवर ने बताया कि अभी भी राशन दुकानों पर जाकर ई-पॉस मशीन से ई-केवाईसी कराई जा सकती है, इसके बाद राशन मिलना शुरू हो जाएगा।

इसके साथ ही संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन जनपद स्तर पर चल रहा है और गड़बड़ी पाए जाने पर निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले 3,203 राशन कार्डधारकों की सूची प्राप्त हुई है, जिनमें कई आयकर दाता भी शामिल हैं।

इनकी जांच जारी है, क्योंकि बीपीएल और प्राथमिकता श्रेणी के कार्ड के लिए 44 हजार रुपये से कम आय वाले परिवारों को ही गरीबी रेखा से नीचे माना जाता है।