2600 मेगावाट क्षमता के साथ पांच राज्यों को रोशन कर रहा एनटीपीसी कोरबा, उत्पादन और पर्यावरण में भी अव्वल

कोरबा। एनटीपीसी कोरबा के बिजनेस यूनिट हेड किशोरचंद्र पात्र ने कहा कि 2600 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाले इस संयंत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा सहित पांच राज्यों को विद्युत आपूर्ति की जा रही है।

स्थानीय पत्रकारों से चर्चा में जीएम किशोरचंद्र पात्र ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में एनटीपीसी कोरबा ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। लगातार छह वर्षों से एनटीपीसी कोरबा ने पीएलएफ (प्लांट लोड फैक्टर) में एनटीपीसी के भीतर शीर्ष स्थान बनाए रखा है। 2000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले विद्युत केंद्रों में यह भारत में पीएलएफ के मामले में पहले स्थान पर है। न्यूनतम ऊर्जा शुल्क दर पर बिजली उत्पादन करने में यह पूरे एनटीपीसी स्टेशनों में तीसरे स्थान पर है।

उन्होंने बताया कि स्टेशन ने अपने कुल क्षेत्रफल के 33 प्रतिशत से अधिक भाग में हरित आवरण विकसित किया है और 30 लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं,जिनकी उत्तरजीविता दर 95 प्रतिशत से अधिक है। चरपारा ऐश डाइक का सफल सुधार एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जहां 4 लाख से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। यह एनटीपीसी के अंदर पहला सुधारा गया ऐश डाइक बन गया है।

एनटीपीसी कोरबा को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय ऊर्जा दक्ष कोयला संयंत्र और सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय जल दक्ष इकाई समेत कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। साथ ही एक्सीलेंट पीएलएफ प्लांट ऑफ द ईयर जैसे सम्मान भी मिले हैं।

इस दौरान संयंत्र ने 110 युवाओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार प्रदान किया है।

इस अवसर पर सत्रुघ्न बेहरा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. विनोद कोल्हटकर, शशि शेखर, मनोज कुमार रजक, आशीष कुमार वर्मा, रोनी जॉनसन, शैलेंद्र यादव, अतुल पराशर, शशांक छाज्जर, विनायक गर्ग, बृजेश पाल और सुश्री उष्मा घोष सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।