जिले में ‘परिवार चौपाल’ पहल की शुरुआत: स्वास्थ्य, पोषण और लैंगिक समानता को मजबूत बनाने का नवाचारी कदम

कोरबा। कोरबा जिले में समुदाय आधारित स्वास्थ्य, पोषण एवं लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल ‘परिवार चौपाल’ की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर भोजन, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी प्रथाओं को मजबूत करना तथा लैंगिक समावेशन को प्रभावी ढंग से लागू करना है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिला पंचायत के सीईओ दिनेश कुमार नाग की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में महिला स्व-सहायता समूहों एवं बिहान कैडर के सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को खेल-आधारित गतिविधियों, सहभागितामूलक अभ्यासों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से ‘परिवार चौपाल’ की अवधारणा से विस्तार से अवगत कराया गया। इन गतिविधियों का लक्ष्य परिवारों के बीच संवाद को बढ़ावा देना, आपसी समझ विकसित करना तथा सकारात्मक सामाजिक व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करना रहा।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग ने कहा कि ‘परिवार चौपाल’ जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम है। समुदाय में स्वास्थ्य, पोषण और लैंगिक समानता को लेकर स्थायी परिवर्तन लाने में बिहान कैडर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कैडर सदस्यों से इस पहल को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ समुदाय में लागू करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला मिशन प्रबंधक अनुराग जैन ने ‘परिवार चौपाल’ एवं जेंडर इंस्टीट्यूशनल मैकेनिज्म विषय पर सत्र का सफल संचालन किया। उन्होंने लैंगिक समानता को संस्थागत रूप से सुदृढ़ करने तथा निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

यह पहल जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण और समुदायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने की उम्मीद है।