कांकेर धर्मांतरण विवाद के विरोध में बंद का मिश्रित असर, शांतिपूर्ण रहा माहौल

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर हुए विवाद और हिंसा के विरोध में सर्व समाज के प्रदेशव्यापी बंद आह्वान का कोरबा जिले में मिश्रित लेकिन व्यापक असर देखने को मिला।

शहर सहित बालको, दर्री, जमनीपाली, कुसमुंडा, दीपका और बांकीमोंगरा जैसे क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, कुछ इलाकों में आंशिक गतिविधियां जारी रहीं। बंद के दौरान कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।

सर्व समाज का कहना है कि कांकेर के बड़े तेवड़ा गांव में हुई घटना में जनजातीय परंपराओं और संस्कृति की रक्षा करने वालों पर कार्रवाई अन्यायपूर्ण है।

बंद के समर्थन में दुकानदारों और व्यापारिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल जिसमें पुष्पराज सिंह ठाकुर, कुल सिंह कंवर, जुडावन ठाकुर, अशोक तिवारी, सत्येंद्र नाथ दुबे, नरेंद्र देवांगन, योगेश जैन, राजीव गुप्ता और आशीष शामिल थे, ने डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज को ज्ञापन सौंपकर जनजातीय समाज की धार्मिक परंपराओं एवं सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा की मांग की।

प्रदेशभर में बंद का असर कई जिलों में दिखा, हालांकि कुछ स्थानों पर मिश्रित प्रतिक्रिया रही।