निजी अस्पताल रेफरल की शिकायत पर कोरबा मेडिकल कॉलेज की सख्ती: निजी एम्बुलेंस पर लगी रोक, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान

प्रारंभिक जांच में किसी की संलिप्तता नहीं मिली, लेकिन भविष्य में कोई समझौता नहीं – डीन डॉ. के.के. सहारे

कोरबा। स्व. श्री बिसाहू दास महंत स्मृति शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल में मरीजों को सरकारी के बजाय निजी अस्पतालों में भेजने की शिकायतों पर प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए सख्त कदम उठाए हैं।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. के.के. सहारे ने बताया कि हालिया समाचार में उठाए गए मामले की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली गई है, जिसमें किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता नहीं पाई गई। हालांकि, इस तरह की गतिविधियों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए डीन ने अस्पताल परिसर में निजी एजेंसियों या निजी एम्बुलेंस को खड़े होने की अनुमति पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

डॉ. सहारे ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में यदि कोई ऐसी संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सहायक अस्पताल अधीक्षक तथा उप-अधीक्षक को निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डीन ने जोर देकर कहा कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना संस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मरीजों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रेफर करने का अवैध धंधा चल रहा है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से मरीजों में विश्वास बहाली की उम्मीद जताई जा रही है।