नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक, पारदर्शी प्रशासन और योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर दिया जोर

कलेक्टर ने धान खरीदी, पल्स पोलियो अभियान और लोक सेवा गारंटी पर दिए निर्देश; ई-ऑफिस और जेम पोर्टल के उपयोग को अनिवार्य किया

कोरबा। कोरबा जिले के नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक ली।

बैठक में कलेक्टर ने जिले के विकास को गति देने के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी स्तर पर बेहतर ढंग से लागू कर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।

कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी अधिकारियों को टीम भावना से काम करने और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, जिला पंचायत सीईओ  दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, विभिन्न एसडीएम तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, कृषि सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से व्यक्तिगत परिचय लेते हुए उनके विभागों के कार्यों की प्रारंभिक जानकारी ली। उन्होंने कार्यालयों में अनुशासन, समयबद्ध उपस्थिति और कर्तव्य निर्वहन पर जोर दिया। ई-ऑफिस के उपयोग को लेकर निर्देश देते हुए कहा कि 1 जनवरी 2026 से सभी विभाग अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलें आगे बढ़ाएं।

कलेक्टर ने भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण की स्थिति की समीक्षा की तथा प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत शिविर लगाकर जनता को योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए। धान खरीदी की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए उपार्जन केंद्रों में भौतिक सत्यापन, टोकन और गेट पास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अलावा, 21 दिसंबर को आयोजित पल्स पोलियो दिवस की तैयारियों की समीक्षा कर स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन पर जोर देते हुए कहा कि जिले के विकास में सभी अधिकारी टीम के रूप में ईमानदारी से कार्य करेंगे।

आगामी दिनों में टीएल बैठक के साथ विभागीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।

खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए जेम पोर्टल के अनिवार्य उपयोग और बाजार मूल्य से अधिक खरीदी न करने के सख्त निर्देश दिए। किसी भी अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही, डीएमएफ के पूर्व स्वीकृत कार्यों को पूरा करने और अगले वित्तीय वर्ष की योजनाएं तैयार करने के निर्देश भी जारी किए।

नवपदस्थ कलेक्टर की इस पहली बैठक से जिला प्रशासन में नई ऊर्जा और पारदर्शिता की उम्मीद जगी है।