डीएमएफ से कोरबा को मॉडल जिला बनाने की तैयारी तेज़: मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में शासी परिषद की बैठक सम्पन्न

वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना, प्रगतियों और पारदर्शिता पर व्यापक चर्चा; शिक्षा–स्वास्थ्य से लेकर सड़कों व पर्यटन विकास पर दिए निर्देश

कोरबा। वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों की प्रगति, कार्योत्तर स्वीकृति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में डीएमएफ से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श के दौरान मंत्री देवांगन ने कहा कि जिले के समग्र विकास में डीएमएफ एक मजबूत आधार के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता में रखते हुए विकास कार्यों को तेज़ गति से संचालित किया जा रहा है।

यदि यही रफ्तार कायम रही तो कोरबा शीघ्र ही एक मॉडल जिला बनकर सामने आएगा।

मंत्री देवांगन ने बताया कि डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पौष्टिक आहार, पीवीटीजी समुदाय को रोजगार, नीट कोचिंग जैसी जनहितैषी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने शहर में सड़कों के डामरीकरण, बेलगिरी बस्ती क्षेत्र में पुल एवं सड़क निर्माण कर यातायात सुधारने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु डीएमएफ राशि का प्रावधान किया है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि इन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

कोरबा के बुका-सतरेंगा और झोराघाट क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों की सराहना करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि इससे जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

बैठक में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना, पीएम खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के प्रावधान, न्यास राशि के उपयोग, वित्तीय प्रगति तथा आडिट बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने डीएमएफ गतिविधियों, प्रगति और आगामी वर्ष की योजनाओं का मसौदा प्रस्तुत किया। परिषद ने कार्ययोजना पर सुझाव देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक का समापन खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास, पारदर्शिता एवं जनहित में संसाधनों के प्रभावी उपयोग के संकल्प के साथ हुआ।

इस अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, विधायक पाली-तानाखार तुलेश्वर सिंह मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर संजू देवी राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पदेन अध्यक्ष कलेक्टर अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव, डीएफओ कुमार निशांत, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, संयुक्त कलेक्टर माधुरी सोम एवं अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।