छात्रों ने DSPM थर्मल पावर प्लांट में देखी बिजली बनाने की पूरी प्रक्रिया

स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम कॉलेज के 55 छात्र-छात्राओं ने किया औद्योगिक भ्रमण, कोयला से टरबाइन तक सब कुछ जाना

कोरबा। “बिजली आखिर बनती कैसे है?” – यह सवाल हर छात्र के मन में आता है। इस जिज्ञासा को शांत करने स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, कोरबा के 55 छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी थर्मल पावर स्टेशन (DSPM) का औद्योगिक भ्रमण किया।

अतिथि व्याख्याता आशिया खान व मधु यादव के नेतृत्व में बीए, बीकॉम और बीएससी (तृतीय वर्ष एवं तृतीय सेमेस्टर) के विद्यार्थियों ने प्लांट के हर हिस्से को करीब से देखा।

DSPM के सहायक अभियंता सुमन सोमानी, प्रकाश देवांगन और देवकी पटेल ने छात्रों को कोयला आपूर्ति, बॉयलर, टरबाइन, कंट्रोल रूम, पर्यावरण संरक्षण के उपाय और सुरक्षा मानकों की पूरी बारीकी से समझाए।

छात्रों ने देखा कि कोयला कैसे पाउडर बनता है, भाप कैसे बनती है, टरबाइन कैसे घूमती है और आखिर में बिजली कैसे तैयार होकर ग्रिड में जाती है। कंट्रोल रूम में बैठकर उन्होंने रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी देखी।

कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शिखा शर्मा ने भ्रमण के लिए शुभकामनाएं दीं, जबकि प्रभारी डॉ. डेज़ी कुजूर ने DSPM प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण जारी रखने की उम्मीद जताई।

छात्रों का कहना था – “किताबों में जो पढ़ते थे, उसे आज अपनी आँखों से देखा, अब बिजली बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह समझ आ गई।”