एलपीजी वितरकों की हड़ताल की चेतावनी: 6 नवंबर से बंद हो सकती है होम डिलीवरी

रायपुर। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित देशभर के एलपीजी वितरकों ने प्रशासकीय शुल्क और होम डिलीवरी चार्ज में बढ़ोतरी की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। वितरकों का कहना है कि बढ़ते खर्चों के बावजूद उनका कमीशन वर्षों से नहीं बढ़ा, जिसके चलते वे 6 नवंबर से एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी बंद कर सकते हैं।

बढ़ते खर्च, पुराना कमीशन
एलपीजी वितरकों का कहना है कि डीजल, कर्मचारी वेतन और बिजली जैसे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन उनका कमीशन 2019 के बाद से नहीं बढ़ाया गया। अंबिकापुर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ने कहा, “हमारे खर्च चार गुना बढ़ गए, लेकिन कमीशन वही पुराना है। सरकार यदि जल्द कदम नहीं उठाती, तो हमें हड़ताल करनी पड़ेगी।”

पेट्रोलियम मंत्रालय को चेतावनी
वितरकों ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को पत्र भेजकर मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। एसोसिएशन का कहना है कि बार-बार निवेदन के बावजूद मंत्रालय से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

तीन चरणों में विरोध
वितरक तीन चरणों में विरोध प्रदर्शन करेंगे:

पहला चरण: काली पट्टी बांधकर काम।

दूसरा चरण: जिला मुख्यालयों में मशाल और मोमबत्ती जलाकर प्रदर्शन।

तीसरा चरण: ‘नो मनी नो इंडेंट’ नीति के तहत कंपनियों को एडवांस भुगतान रोकना।

यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 6 नवंबर से होम डिलीवरी बंद होगी।

लाखों उपभोक्ताओं पर असर
रायपुर जिले में ही IOC, BPCL और HPCL के 3 लाख से अधिक ग्राहक हैं। डिलीवरी बंद होने पर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर स्वयं एजेंसी से लेना होगा, जिससे त्योहारी मौसम में भारी परेशानी हो सकती है।

मंत्रालय की प्रतिक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों से वितरकों की मांगों पर रिपोर्ट मांगी है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।

यदि सरकार और वितरकों के बीच जल्द समझौता नहीं हुआ, तो 6 नवंबर से देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति ठप होने का खतरा मंडरा रहा है।