इलेक्ट्रिक ऑटो चालकों की मुश्किलें: पार्ट्स की कमी और सब्सिडी में देरी से रोजी-रोटी पर संकट

कोरबा। कोरबा जिले के इलेक्ट्रिक ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। ऑटो के पार्ट्स की अनुपलब्धता और सब्सिडी में देरी के कारण चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मुद्दे को लेकर टीपी नगर स्थित जिला ऑटो संघ कार्यालय में चालकों और पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

परसाभाठा बालको क्षेत्र के चालक त्रिलोक साहू ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदा था, लेकिन पार्ट्स की कमी के कारण उनका ऑटो खड़ा है। उन्होंने 500 रुपये एडवांस जमा किए, फिर भी पार्ट्स नहीं मिले, जिससे उनकी आजीविका पर असर पड़ा है।

इसी तरह, चालक अमित कुमार प्रजापति ने बताया कि उन्हें तीन साल पहले ऑटो खरीदने पर 30,000 से 32,000 रुपये की सब्सिडी का आश्वासन दिया गया था, जो अब तक नहीं मिली। कई चालक इस समस्या से जूझ रहे हैं और बार-बार एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

जिला ऑटो संघ के सदस्य श्याम दास गुरुजी ने बताया कि चालकों की शिकायतों पर महिंद्रा कंपनी के मैनेजर और अधिकारियों से बात की गई है। कंपनी ने जल्द ही पार्ट्स उपलब्ध कराने और सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है।

महिंद्रा कंपनी के मैनेजर विरेंद्र पाटील ने फोन पर बताया कि सब्सिडी से संबंधित कागजी कार्रवाई शासन को भेज दी गई है और चालकों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। जिले में 2022 से इलेक्ट्रिक ऑटो की शुरुआत हुई थी, और वर्तमान में 500 से अधिक चालक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

चालकों ने प्रशासन और कंपनी से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि उनकी आजीविका पर मंडरा रहा संकट दूर हो सके।