भ्रष्ट सचिव मोहन कौशिक के समर्थन में उतरा सचिव संघ, जिला पंचायत सीईओ ने तानाखार से हटाया

कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। तानाखार में पदस्थ भ्रष्टाचार के आरोपी ग्राम पंचायत सचिव मोहन कौशिक को जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तानाखार से हटाकर दम्हामुड़ा स्थानांतरित कर दिया। यह कार्रवाई जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह के नेतृत्व में सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें कौशिक पर हमेशा अनुपस्थित रहने और पंचायत कार्यों में लापरवाही का आरोप था।

मोहन कौशिक पर पहले भी पाली जनपद की ग्राम पंचायत पोड़ी में 34 लाख रुपये के गबन का गंभीर आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और पांच बार स्थायी वारंट जारी होने के बाद वे फरार थे। वर्तमान में वे हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर हैं।

इसके बावजूद, सचिव संघ ने कौशिक का समर्थन करते हुए जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर उनके स्थानांतरण का विरोध किया और दावा किया कि वे ईमानदारी से काम कर रहे थे।

सचिव संघ के अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि एक माह में एक सचिव का स्थानांतरण गलत है और सभी सचिवों का एकसाथ स्थानांतरण होना चाहिए।

हालांकि, तानाखार में कौशिक के 65 किलोमीटर दूर अपने गृह ग्राम कथरीमाल से आने-जाने और महीने में केवल एक-दो बार पंचायत पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हुई।

वहीं, पोड़ी में 34 लाख के गबन मामले की जांच फिर से शुरू हो गई है। एसडीएम कार्यालय में मामला विचाराधीन है और जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है।

सचिव संघ पर जिला पंचायत सीईओ को गुमराह करने का भी आरोप लग रहा है। इस मामले में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।