एसईसीएल दीपका में आवास आवंटन को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश, प्रबंधन पर भेदभाव और अवैध कब्जे को बढ़ावा देने का आरोप

कोरबा-दीपका। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के दीपका क्षेत्र में आवास आवंटन की अव्यवस्थित प्रक्रिया ने कर्मचारियों के बीच गुस्से की लहर पैदा कर दी है। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि विभागीय कर्मचारियों को आवास देने में पक्षपात किया जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों और अवैध कब्जाधारियों को क्वार्टर में रहने की खुली छूट दी जा रही है।

एक कर्मचारी ने महाप्रबंधक को सौंपे अपने आवेदन में दुख जताते हुए कहा, “पांच साल से मैं आवास के लिए भटक रहा हूं, लेकिन मुझे क्वार्टर नहीं मिला। मेरे से कनिष्ठ कर्मचारियों को बी-टाइप क्वार्टर तक आवंटित हो गए, जबकि मैं अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूर हूं।” आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते उनके त्योहार भी फीके पड़ रहे हैं।

कर्मचारियों ने प्रगति नगर कॉलोनी की दयनीय स्थिति पर सवाल उठाए, जहां एक क्वार्टर में चार-चार कर्मचारियों को ठूंसा जा रहा है। दूसरी ओर, ऐसे लोग क्वार्टरों में आराम से रह रहे हैं, जिनका एसईसीएल से कोई लेना-देना नहीं है।

कर्मचारियों ने गुस्से में पूछा, “जब अपने कर्मचारियों को आवास नहीं मिल रहा, तो बाहरियों और अवैध कब्जाधारियों को संरक्षण क्यों?”

कर्मचारियों ने प्रबंधन से मांग की है कि विभागीय कर्मचारियों को प्राथमिकता पर आवास उपलब्ध कराया जाए और बाहरी लोगों से क्वार्टर खाली कराए जाएं। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह उपेक्षा जारी रही, तो जल्द ही यह मामला आंदोलन का रूप ले सकता है।

कर्मचारियों का सवाल स्पष्ट है- दीपका प्रबंधन अपने कर्मचारियों के हित में काम कर रहा है या बाहरियों के लिए?

प्रबंधन की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन कर्मचारियों की नाराजगी ने क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना दिया है।