नल जल योजना की पानी टंकी में घटिया निर्माण,झुकी टंकी से दुर्घटना का खतरा

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी नल जल योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल और जल पहुंचाना है, कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत पसरखेत (बस्ती कंगापारा) में ठेकेदार और विभाग की लापरवाही के चलते विवादों में घिर गई है। यहां बन रही पानी टंकी में घटिया निर्माण की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है।

निर्माण कार्य मेसर्स जयनारायण यादव को 89.25 लाख रुपये की लागत से सौंपा गया था, जिसे 05 अगस्त 2023 के कार्यादेश के अनुसार 04 मई 2024 तक पूरा करना था। नौ माह बीतने के बावजूद कार्य अधूरा है और निर्माण स्थल पर सूचना पटल तक नहीं लगाया गया, जिससे ग्रामीणों को कार्य की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

पानी टंकी के निर्माण में कई खामियां उजागर हुई हैं। टंकी एक तरफ झुकी हुई है और इसकी गोलाई भी असमान है। टंकी के ऊपरी हिस्से पर पलस्तर के बिना ही पेंट कर दिया गया है, जिससे पानी रिसाव की आशंका है। सीढ़ियों की रेलिंग भी टूटने लगी है, जबकि टंकी से पानी सप्लाई शुरू नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरने पर टंकी के गिरने का खतरा बना रहेगा, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

स्थानीय लोगों और जानकारों ने निर्माण में शासकीय मापदंडों की अनदेखी का आरोप लगाया है। जब हमारे संवाददाता ने इंजीनियर सत्यनारायण कंवर से जानकारी मांगी, तो उन्होंने बार-बार बहाने बनाए और कार्यालय में भी स्पष्ट जवाब देने से बचे। यह लापरवाही और गुप्त रवैया कई सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि टंकी के निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की जाए, ताकि घटिया निर्माण की सच्चाई सामने आए और भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी के चलते नल जल योजना का यह प्रोजेक्ट सफेद हाथी बनता नजर आ रहा है।